ऑनलाइन मर्चेंट्स के BHIM App को इंटीग्रेट नहीं करने से NPCI नाराज

By | June 17, 2017

धानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले हफ्ते यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के लिए कॉमन प्लैटफॉर्म BHIM App लॉन्च किया था। माना जा रहा है कि देश में कैशलेस पेमेंट को बढ़ावा देने में इसका बड़ा रोल होगा। हालांकि, फ्लिपकार्ट, ऐमजॉन, पेटीएम और इंडियन रेलवे कैटरिंग ऐंड टूरिजम कॉर्पोरेशन BHIM App के साथ इंटीग्रेट करने में समय लगा रहे हैं, जिससे नैशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) नाराज है।

Customers Get Bhim App, But Aren’t Finding Avenues for Use 

NPCI - BHIM App

NPCI expects dealings through UPI to get a major boost once it is integrated as a payment option for eCommerce customers, along with net banking, card payment and cash on delivery.

देश में होने वाले सभी रिटेल पेमेंट को एनपीसीआई हैंडल करती है। उसकी नाराजगी की वजह यह है कि जिन लोगों ने BHIM App डाउनलोड किया है, उन्हें इसका इस्तेमाल करने का बहुत कम मौका मिल रहा है क्योंकि मर्चेंट्स (खासतौर पर ऑनलाइन साइट्स) ने इसे अभी तक इंटीग्रेट नहीं किया है।

एनपीसीआई के मैनेजिंग डायरेक्टर ए पी होता ने कहा, ‘हम इससे खुश नहीं हैं।’ अभी भी यूपीआई पर रोजाना 70,000 ट्रांजैक्शंस हो रहे हैं। BHIM App लॉन्च होने से पहले भी रोज इतने ही लेनदेन इसके जरिये हो रहे थे। यूपीआई ऐसा सिस्टम है, जो अलग-अलग बैंकों को सिंगल मोबाइल ऐप्लिकेशन पर लेकर आया है।

इसमें कई बैंकिंग फीचर्स हैं। इससे आसानी से पैसा एक खाते से दूसरे में भेजा सकता है और मर्चेंट्स पेमेंट किए जा सकते हैं। यूपीआई को एनपीसीआई ने डिवेलप किया है और इसे पिछले साल अगस्त में लॉन्च किया गया था। होता ने पिछले हफ्ते इकनॉमिक टाइम्स को बताया था, ‘जब भी हम इस बारे में पूछते हैं तो जवाब मिलता है कि हम बैंकों से बात कर रहे हैं। मुझे यह बात समझ में नहीं आ रही।’

उन्होंने कहा कि कंपनियों ने यूपीआई में दिलचस्पी दिखाई है, लेकिन वे अभी बैंकों के साथ इसकी शर्तों पर बातचीत कर रही हैं। होता ने यह भी बताया कि फ्लिपकार्ट का पेमेंट ऐप फोनपे यूपीआई का सबसे बड़ा यूजर है, लेकिन इसका इस्तेमाल मोबाइल वॉलिट टॉपअप के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेन प्रमोटर फ्लिपकार्ट इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल नहीं कर रही है।

स्नैपडील के डिजिटल वॉलिट फ्रीचार्ज के मामले में भी ऐसा ही है। वह यूपीआई का दूसरी बड़ी यूजर है, लेकिन उसने भी सिर्फ इससे टॉपअप की सुविधा दी है। होता ने बताया कि पेटीएम से यूपीआई के जरिये मामूली रकम अकाउंट में डाली जा रही है। होता ने कहा, ‘कुछ ट्रैवल और टिकटिंग साइट्स हमसे जुड़ी हैं, लेकिन देश के टॉप मर्चेंट्स में एक भी यूपीआई के टॉप मर्चेंट्स में शामिल नहीं है।’

नोटबंदी के बाद से सरकार कैशलेस पेमेंट्स को बढ़ावा दे रही है। उसने इसके लिए कई रियायतें भी दी हैं। वहीं, यूपीआई से दिसंबर में 700 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शंस हुए, जबकि नवंबर में 90 करोड़ रुपये के लेनदेन इसके जरिये हुए थे। हालांकि, देश के कुल ऑनलाइन ट्रांजैक्शंस के मुकाबले यह बहुत छोटी रकम है।

2 thoughts on “ऑनलाइन मर्चेंट्स के BHIM App को इंटीग्रेट नहीं करने से NPCI नाराज

  1. DURVIJAY SINGH

    My name is DURVIJAY SINGH and I have an account in Central Bank of India.My A/C is 3494207126. At 4th Feb i downloaded BHIM APP and made transaction to my other SBI account ;A/C-32480729254.
    Next day at 5th Feb in morning 09:28 I again tried to make a transaction of 10000 Rupees but the the transaction is going pending right now.

    I haven’t any idea where should i go for.
    I told this to Bank but they said it’s not there matter.

    Mob:-9454816155

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  2. RN Awasthi

    I too experienced problem with a transaction of RS.2585.00 on 22.7.17 when amt was sent by to a sanitaryware dealer into his account in YES BANK which got debited from my account in PNB but is not yet going to YES BANK. It shows pending since 13.30 yesterday.

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